Skip to main content

पिस्ता खाने के फायदे, शरीर से लेकर दिमाग तक पहुंचाता है लाभ

 पिस्ता खाने के फायदे, शरीर से लेकर दिमाग तक पहुंचाता है लाभ

पिस्ता सबसे पॉपुलर नट्स में से एक है। इसमें शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व होते हैं और इसके ये गुण ही इसे एक सुपरफूड बनाते हैं। पिस्ता एक फल है जिसकी बाहरी सेल को हटा कर खाया जाता है। यह नट ना केवल खाने में स्वादिष्ट होते हैं बल्कि सुपर हेल्दी भी होते हैं। पिस्ता सलाद, आइस क्रीम और अन्य बेक्ड फूड्स में अत्यधिक उपयोग किया जाता है। इसके अलावा आप इसे एक स्नैक के तौर पर भी खा सकते हैं।

पिस्ता में कई एंटीऑक्सिडेंट प्रॉपर्टीज़ होती हैं और यह विटामिन बी-6, प्रोटीन, मिनरल्स जैसे कॉपर और फास्फोरस आदि से भरपूर होते हैं। शोधों से पता चलता है कि लोग हजारों सालों से पिस्ता का सेवन कर रहे हैं और यह हर तरह से हमें फायदा पहुंचाता है। 
शरीर को इंफेक्शन से बचाने के साथ-साथ पिस्ता हमारे दिल को स्वस्थ रखता है और मेमोरी को बेहतर करने में मदद करता है। आइए जानते हैं कि पिस्ता खाने के फायदे क्या हैं, इसे आप अपनी डाइट में कैसे शामिल कर सकते हैं और इसके क्या गुण हैं। यहां हैं पिस्ता के फायदे और नुकसान

पिस्ता (Pistachio in Hindi)

-पिस्ता खाने के फायदे
पिस्ता खाने के नुकसान
पिस्ता को अपनी डाइट में कैसे करें शामिल
पिस्ता कहां पाया जाता है
पिस्ता को इन नामों से भी जाना जाता है

पिस्ता खाने के फायदे (Pistachio Benefits in Hindi)

1. भरपूर पोषक तत्व (Rich in nutrients)
पिस्ता में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं। रिसर्च के अनुसार पिस्ता में निम्न पोषक तत्व अच्छी मात्रा पाएं जाते हैं-

पोटेशियम, 
फास्फोरस, 
मैग्नीशियम, 
मैगनीज़
कैल्शियम,
थियामिन,
विटामिन ए, 
विटामिन ई,
विटामिन सी, 
विटामिन बी, 
विटामिन के,
फोलेट,
प्रोटीन,
अनसैचरेटेड फैट्स,
कार्ब्स
2. एंटीऑक्सिडेंट्स की अच्छी मात्रा (High in antioxidants)
एंटीऑक्सिडेंट आपके स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। ये सेल्स को डैमेज होने से बचाते हैं और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के रिस्क को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बाकी नट्स और सीड्स की तुलना में पिस्ता में अधिक एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं। 

3. कैलोरी की मात्रा कम (Low in Calories)
जबकि नट्स खाने के कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं लेकिन इनमें आमतौर पर कैलोरी की मात्रा हाई होती हैं। हालांकि पिस्ता सबसे कम कैलोरी वाले नट्स में से हैं। 28 ग्राम पिस्ता में 159 कैलोरी होती हैं, जबकि अखरोट में 185 कैलोरी और पेकन में 193 कैलोरी होती हैं।

4. ब्रेन को स्वस्थ बनाने में मदद (Keeps the brain healthy)
पिस्ता में ऐसे कई मिनरल्स पाए जाते हैं जो ब्रेन की फंक्शनिंग को बेहतर करते हैं और इसे अधिक अलर्ट और एक्टिव बनाते हैं। साथ ही पिस्ता शरीर से ब्रेन में रक्त के संचार को बढ़ाता है जिससे ब्रेन के स्वास्थ्य को बेहतर करने में मदद मिलती है।

5. हीमोग्लोबिन को बढ़ाता है (Produces Haemoglobin
पिस्ता विटामिन बी-6 से भरपूर होता है। यह ब्लड वैसल्स को ऑक्सीजन ले जाने में मदद करता है और रक्त के संचार में सुधार करता है। हर रोज पिस्ता का सेवन करने से हीमोग्लोबिन के उत्पादन में मदद मिलती है जिससे शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह में सुधार होता है।
6. वजन कम करने में मदद (Aid weight loss)
ऊर्जा से भरपूर होने के बावजूद, नट्स वजन घटाने के लिए सबसे फायदेमंद फूड्स में से एक हैं। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि पिस्ता वजन घटाने में मदद करता है। पिस्ता में फाइबर और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व होते हैं। ये दोनों न्यूट्रिएंट्स आपको फुल रखते हैं और फास्ट और जंक फूड्स खाने से रोकते हैं जिससे आप अधिक खाने से बचते हैं। 
7. कैंसर से बचाव (Prevents the risk of cancer)
पिस्ता में विटामिन बी 6 होता है जो कि सफेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करता है। यह शरीर को अधिक प्रतिरोधी बनाता है जिससे संक्रमणों के खिलाफ लड़ने और कैंसर कोशिकाओं से बचाव करने में मदद मिलती है।
8. आंखें स्वस्थ रहती हैं (Good for eye health)
एंटीऑक्सिडेंट ल्यूटिन (lutein) और ज़ेक्सैंथिन (zeaxanthin) आंखों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। पिस्ता इन दोनों एंटीऑक्सिडेंट का एक अच्छा स्रोत है। इसका हर रोज सेवन करने से आप अपनी आंखों की संभावित बीमारियों से बचा सकते हैं। 

पिस्ता खाने के नुकसान (Disadvantages of eating pistachios)

पिस्ता खाना सभी के लिए सुरक्षित होता है और इसका सेवन सही मात्रा में करने से यह आपके शरीर को फायदे पहुंचाता है। हालांकि किसी भी फूड का जरूरत से अधिक सेवन करना आपके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है और पिस्ता के साथ भी ऐसा ही है। अगर आप असंतुलित मात्रा में पिस्ता का सेवन करते हैं तो इससे कई नुकसान भी हो सकते हैं। 

पिस्ता में फाइबर अधिक होता है जो कि आपके डाइजेस्टिव सिस्टम को बेहतर करता है लेकिन फाइबर की अधिक मात्रा पेट को खराब, पेट में ऐंठन या अन्य डाइजेस्टिव समस्याओं का कारण बन सकती है। इसके अलावा, पिस्ता में सोडियम होता है। इसके 28 ग्राम 121 मिलीग्राम सोडियम होता है, इसलिए इसे अधिक खाने से हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) की समस्या हो सकती है। इनके अलावा पिस्ता का अधिक सेवन करने से खट्टी डकार, पेट फूलना, कब्ज और सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
पिस्ता एक नट है जिसे आप डायरेक्ट खा सकते हैं या इसका इस्तेमाल अन्य फूड्स जैसे खीर, पुडिंग, स्मूदी, सीरियल, आईस क्रीम आदि में कर सकते हैं। शाम या मिड मॉर्निंग के समय छोटी-मोटी भूख के लिए आप जंक फूड खाने के बजाय पिस्ता को एक स्नैक के तौर पर भी खा सकते हैं। दिन में एक या दो मुट्ठी पिस्ता का सेवन उचित होता है।  

पिस्ता कहां पाया जाता है (Where is Pista Found)
पिस्ता (pista tree) मुख्य रूप से ईरान, अफगानिस्तान एवं मध्य एशिया के देशों में पाया जाता है। इसके अलावा वर्ल्ड में इटली, सीरिया, पाकिस्तान, तुर्की, मिश्र एवं ईराक में इसकी खेती की जाती है। 
पिस्ता को इन नामों से भी जाना जाता है (Other Names of Pistachio)
पिस्ता को अन्य नामों जैसे पिस्ते, गुली पिस्ता, मुकूलक, चारुफल और ग्रीन ऑमन्ड से भी जाना जाता है।

हम आशा करते हैं कि आपको यह लेख पसंद आया होगा। अगर आप किसी विषय पर हमसे कुछ पूछना चाहते हैं तो हमें आपके सवालों के जवाब देने में खुशी होगी। आप हमें अपने सवाल कमेंट बॉक्स में लिख सकती हैं।


Comments

Popular posts from this blog

Celebrating the life and legacy of Harvey Milk

Celebrating the life and legacy of Harvey Milk By Sophia Scherr Today we celebrate and remember the life of San Francisco LGBTQ+ advocate and icon, Harvey Milk. One of our city’s most revered politicians, Milk's legacy as the first openly gay San Francisco supervisor and elected official in California helped in breaking down discriminatory barriers and usher LGBTQ+ politicians in government positions. Milk also advocated for equitable transportation, as he rode Muni exclusively since he did not own a car. He was a firm believer that affordable mobility was important in creating a thriving and livable city. Below is Harvey Milk with Curtis E. Green, General Manager of the Municipal Railway promoting Muni’s “Fast Pass”. Mr. Green was a barrier-breaking figure in his own right, by becoming the first African American appointed to Muni's top position from his beginnings with the Agency as a bus operator. With his 1974 appointment, Green also became the first African American to ...

Introducing My Shocks. 😉 Ciggerate Whatsapp Status (SAD BOYS)#short #shorts #cigarette

via https://youtu.be/RpDENmVEg7M

By The Numbers: The SFMTA’s COVID-19 Response

By The Numbers: The SFMTA’s COVID-19 Response By Erica Kato The COVID-19 pandemic has brought about unforeseen c hanges to San Francisco’s transportation network. And the impact of the crisis will continue to be felt city-wide long beyond the end of the public health emergency. On March 13, 2020, when it became clear that San Francisco needed immediate adjustments to the transportation system, Director of Transportation Jeff Tumlin launched SFMTA’s Department Operations Center (DOC) team. Since then, the DOC has served as a centralized hub to ensure that we are minimizing health risks to employees and the public as we keep transportation running, both by coordinating internally within the agency and by collaborating closely with our city, state, and federal partners to deploy resources and information in the most effective way possible. San Francisco's response to the COVID-19 pandemic included implementing temporary emergency transit lanes  Our COVID-19 response has chal...