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पेट में गैस की समस्या दूर करने के 20 घरेलू इलाज – Home Remedies for Stomach Gas Problem in Hindi

पेट में गैस की समस्या दूर करने के 20 घरेलू इलाज – Home Remedies for Stomach Gas Problem in Hindi
Gas-Problem
gas problem

अगर किसी दिन पेट में गैस बन जाए, तो खाना-पीना और काम करना मुश्किल हो जाता है। कुछ लोगों को तो गैस का दर्द इतना परेशान करता है कि उनके लिए सांस तक लेना कठिन हो जाता है। गैस के चलते पेट में भारीपन व दर्द, आंखों में जलन, उल्टी आने का अहसास होना और सिर में दर्द तक होता है। कहने को तो यह सिर्फ गैस भर होती है, लेकिन इसे अनदेखा करने पर कई गंभीर परिणाम तक भुगतने पड़ सकते हैं। कब्ज, एसिडिटी व अल्सर आदि गैस से होने वाले रोग हैं।

विषय सूची
क्या है पेट की गैस? – What is Gastritis in Hindi
पेट में गैस बनने के कारण – Causes of Stomach Gas in Hindi
पेट में गैस के लक्षण – Symptoms of Stomach Gas Problem in Hindi
पेट में गैस दूर करने के घरेलू उपाय – Home Remedies for Stomach Gas in Hindi
गैस की समस्या से बचाव के उपाय – Prevention Tips For Stomach Gas Problem in Hindi

gharelu nushke  के इस आर्टिकल के जरिए हम पेट में गैस की समस्या को समझने का प्रयास करेंगे। हम न सिर्फ इसके कारणों को जानेंगे, बल्कि गैस की समस्या से छुटकारा पाने के लिए घरेलू उपचार व जरूरी टिप्स भी बताएंगे।


आर्टिकल के शुरुआत में हम जानते हैं कि आखिर गैस होती क्या है।

क्या है पेट की गैस? – What is Gastritis in Hindi
पेट में अंदरूनी परत होती है, जिसे म्यूकोसा कहते हैं। इसी परत में कई छोटी-छोटी ग्रंथियां होती हैं, जो भोजन को हजम करने के लिए स्टमक एसिड और पेप्सिन नामक एंजाइम का निर्माण करती है। जहां, स्टमक एसिड भोजन को पचाता है, वहीं पेप्सिन प्रोटीन को हजम करता है। जब इसी अंदरूनी परत में सूजन आ जाती है, तो पेट में गैस की समस्या होने लगती है। इस कारण स्टमक एसिड और पेप्सिन का उत्पादन कम होने लगता है और पेट खराब हो जाता है (1) (2)।


आइए, अब जानते हैं कि किन कारणों से पेट में गैस बनती है।

पेट में गैस बनने के कारण – Causes of Stomach Gas in Hindi
पेट में गैस की समस्या होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ के बारे में हम यहां बता रहे हैं (1) (2) :

एस्प्रिन, इबुप्रोफेन और नेपरोक्सन जैसी दवाओं के सेवन से
अधिक शराब व चाय-कॉफी पीने से
पेट में हेलिकोबैक्टर पाइलोरी नामक संक्रमण होने से
पर्निशस एनीमिया जैसे ऑटोइम्यून डिसऑर्डर के कारण
पेट में बाइल एसिड के जमा होने पर
कोकीन की लत लगने पर
गैस का कारण बनने वाले भोजन का सेवन करने से
ज्यादा मात्रा में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ खाने से
प्रतिरक्षा प्रणाली के कमजोर होने पर वायरल संक्रमण, जैसे साइटोमेगालोवायरस और हर्पीस सिम्पलेक्स वायरस के कारण
अधिक तनाव लेने से
दूध व दूध के उत्पादों को पचा पाने में असमर्थ होने पर
आंतों में सूजन या जलन होने पर
मधुमेह की शिकायत होने से
आइए, अब गैस के लक्षणों की बात कर लेते हैं।

पेट में गैस के लक्षण – Symptoms of Stomach Gas Problem in Hindi

पेट में हल्की जलन होने से लेकर तेज दर्द तक गैस के लक्षण हो सकते हैं। हालांकि, हल्की जलन को अनदेखा किया जा सकता है, लेकिन दर्द को बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है। पेट में गैस के अन्य लक्षण भी हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं :

बार-बार गैस बनना
गैस निकलने पर बदूब आना
पेट फूलना और खट्टी डकारे आना
उल्टी आने का अहसास होना
भूख कम लगना
लगातार हिचकी आना
पेट में ऐंठन होना
कभी-कभी बुखार आना
कब्जी
मल का रंग बदलना या फिर उसके साथ खून आना
अंतिम दो लक्षण आने का मतलब है कि आपकी समस्या गंभीर रूप ले चुकी है और इसकी अनदेखी करना सही नहीं है (1) (2)। अगर आप समय रहते इसका इलाज कराते हैं, तो भविष्य में होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है।

गैस की समस्या से छुटकारा पाने के लिए गैस की दवा का सहारा लेने से बेहतर है घरेलू उपायों को आजमाना, जिस बारे में हम लेख के इस भाग में बता रहे हैं।

पेट में गैस दूर करने के घरेलू उपाय – Home Remedies for Stomach Gas in Hindi
1. बेकिंग सोडा
Baking Soda for Gas Problem in Hindi Pinit
Shutterstock

सामग्री :

एक चम्मच बेकिंग सोडा
एक गिलास पानी
कैसे करें प्रयोग :

बेकिंग सोडा को पानी में अच्छी तरह मिला लें।
इसके बाद यह पानी पी जाएं।
कितनी बार करें :

जब भी आपको जरूरत महसूस हो आप इसे पी सकते हैं।
कैसे है लाभकारी :

गैस बनने पर पेट में जलन होना आम बात है। गैस की समस्या (gas problem) से छुटकारा पाने के लिए बेकिंग सोडे का सेवन किया जा सकता है। बेकिंग सोडा को सोडियम बाइकार्बोनेट भी कहा जाता है। यह एक प्रकार से एंटासिड की तरह काम करता है। इसके सेवन से पेट में एसिड का स्तर सामान्य हो सकता है (3)।

2. एलोवेरा
Aloe veera
Aloe veera
सामग्री :

दो चम्मच ताजा एलोवेरा जेल
एक गिलास पानी
कैसे करें प्रयोग :

एलोवेरा जेल को पानी में अच्छी तरह मिक्स करें और पी जाएं।
कितनी बार करें :

आप दिनभर में एक-दो गिलास पी सकते हैं।
कैसे है लाभकारी :

पेट में गैस बनने के कारण होने वाली जलन को कम करने के लिए एलोवेरा जेल सबसे बेहतर उपाय है। एलोवेरा में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो पेट की अंदरूनी परत में आई सूजन को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही यह अच्छा एंटीसेप्टीक एजेंटी भी है, जिस कारण यह संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया को मारने में सक्षम है (4)। गैस की समस्या से छुटकारा पाने के लिए गैस की दवा की जगह एक बार एलोवेरा को जरूर आजमा कर देखें।

3. नारियल पानी
coconut wate
coconut water
Coconut Water for Gas Problem in Hindi Pinit
Shutterstock

सामग्री :

नारियल पानी
कैसे करें प्रयोग :

इसे दिन में किसी भी समय पी सकते हैं।
कितनी बार करें :

दिनभर में तीन-चार गिलास नारियल पानी का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है।
कैसे है लाभकारी :

नारियल पानी विभिन्न विटामिन्स व पोषक तत्वों से भरपूर होता है। साथ ही इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो गैस के कारण पेट में आई सूजन को कम कर सकता है (5)। गैस का दर्द होने पर गैस की दवा खाने की जगह इसका सेवन करें।

4. ग्रीन टी
सामग्री :

एक चम्मच ग्रीन टी पाउडर या ग्रीन टी बैग
एक चम्मच शहद
एक कप पानी
कैसे करें प्रयोग :

सबसे पहले पानी को अच्छी तरह गर्म कर लें।
फिर इसमें शहद डालकर मिक्स कर लें।
इसके बाद पानी में ग्रीन टी पाउडर या ग्रीन टी बैग डालें।
अगर पाउडर डाल रहे हैं, तो उसे मिक्स करें और छानकर पिएं।
वहीं, अगर टी बैग इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसे पानी में डालकर कुछ देर के लिए छोड़ दें और फिर पिएं।
कितनी बार करें :

आप पूरे दिन में करीब दो कप ग्रीन टी पी सकते हैं।
कैसे है लाभकारी :

ग्रीन टी में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो सीधा पेट की अंदरूनी परत पर असर डालते हैं। इससे गैस की समस्या धीरे-धीरे कम होने लगती है। इस चाय को गैस की दवा के रूप में प्रतिदिन पीने से पुरानी से पुरानी गैस की समस्या दूर हो सकती है। इसलिए, गैस से होने वाले रोग से बचने के लिए ग्रीन टी का सेवन कर सकते हैं। इतना ही नहीं, वैज्ञानिक तौर पर इस बात की भी पुष्टि की गई है कि ग्रीन टी पेट के कैंसर में भी कारगर साबित हो सकती है (6)।

5. सेब का सिरका
Apple juse
Apple juse
Apple Cider Vinegar for Gas Problem in Hindi Pinit
Shutterstock

सामग्री :

एक चम्मच सेब का सिरका
एक चम्मच शहद
एक गिलास पानी
कैसे करें प्रयोग :

इन सभी सामग्रियों को पानी में अच्छी तरह मिलाकर पी जाएं।
कितनी बार करें :

इस मिश्रण को आप दिनभर में एक या दो बार पी सकते हैं।
कैसे है लाभकारी :

पेट में एसिड का स्तर ज्यादा होने पर सेब के सिरके का सेवन किया जा सकता है। इसे पीने से एसिड का स्तर संतुलित हो जाता है। साथ ही यह पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाने वाले सुक्ष्मजीवों को नष्ट करता है (7)। वहीं, इस मिश्रण में शहद के मिल जाने से पेट की परत को ठीक करने में मदद मिलती है।

6. अदरक
प्रक्रिया नंबर-1

सामग्री :

अदरक का छोटा-सा टुकड़ा
एक कप पानी
कैसे करें प्रयोग :

अदरक के टुकड़े को कुछ देर तक चबाएं।
फिर पानी की मदद से इसे निगल जाएं।
प्रक्रिया नंबर-2

सामग्री :

अदरक का पाउडर
सेंधा नमक
एक चुटकी हींग
एक कप गर्म पानी
कैसे करें प्रयोग :

इन सभी सामग्रियों को पानी में डालें और पिएं।
कितनी बार करें :

अच्छे परिणाम के लिए हर सुबह सेवन करें।
कैसे है लाभकारी :

अदरक एक आयुर्वेदिक औषधी है, जिसे वर्षों से विभिन्न बीमारियों में इस्तेमाल किया जा रहा है। पेट में गैस बनने पर भी इसका सेवन किया जा सकता है, जिसके सकारात्मक असर नजर आते हैं (8)। अदरक में एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो हेलिकोबैक्टर पाइलोरी नामक संक्रमण के कारण पेट में होने वाली सूजन को कम करने में सक्षम हैं (9)। गैस से होने वाले रोग से बचाने में अदरक मदद करता है।

7. ओटमील
OATMEAL
OATMEAL
Oatmeal for Gas Problem in Hindi Pinit
Shutterstock

सामग्री :

आधा कप ओटमील
आधा या एक कप पानी या दूध
कैसे करें प्रयोग :

किसी बर्तन में दूध या पानी को ओटमील के साथ मिक्स करके उबाल लें।
स्वाद के लिए आप इसमें बिना एसिड वाले फल जैसे कि केला या फिर सेब को काटकर डाल सकते हैं।
कितनी बार करें :

एक बाउल ओटमील को दिनभर में एक बार खा सकते हैं।
कैसे है लाभकारी :

ओटमील में पर्याप्त मात्रा में फाइबर और मिनरल्स पाए जाते हैं, जिस कारण पाचन तंत्र अच्छी तरह से काम करता है। जब पाचन तंत्र ठीक तरह से काम करता है, तो गैस की परेशानी धीरे-धीरे कम होने लगती है। साथ ही इसके सेवन से पेट की अंदरूनी परतें ठीक होने लगती हैं (10)। ओटमील से गैस का इलाज किया जा सकता है।

8. नारियल तेल
सामग्री :

थोड़ा-सा वर्जिन नारियल तेल
कैसे करें प्रयोग :

आप इस तेल को अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं।
कितनी बार करें :

एक दिन में आप दो-तीन चम्मच नारियल तेल को अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं।
कैसे है लाभकारी :

नारियल तेल में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। इसका सेवन करने से पेट की अंदरूनी परत पर गैस के ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम किया जा सकता है। इसके अलावा, नारियल तेल में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो गैस के कारण पेट में आई सूजन को कम कर सकते हैं (11)।

सावधानी : अगर आपको इस तेल से किसी तरह की एलर्जी होती है, तो इसका सेवन न करें।

9. योगर्ट
Yogurt for Gas Problem in Hindi Pinit
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सामग्री :

साधारण योगर्ट
कैसे करें प्रयोग :

आप इसे भोजन के साथ या फिर स्नैक्स के तौर पर खा सकते हैं।
कितनी बार करें :

प्रतिदिन एक-दो कटोरी योगर्ट का सेवन करना लाभकारी हो सकता है।
कैसे है लाभकारी :

गैस्ट्रिक अल्सर और हेलिकोबैक्टर पाइलोरी संक्रमण पेट में गैस बनने का मुख्य कारण हैं। वहीं, योगर्ट में प्रोबायोटिक गुण पाया जाता है। अभी तक हुए कई वैज्ञानिक शोधों में माना गया है कि गैस्ट्रिक अल्सर और हेलिकोबैक्टर पाइलोरी पर प्रोबायोटिक प्रभावी तरीके से काम करता है (12)।

10. शहद
सामग्री :

दो चम्मच शहद
एक गिलास गर्म पानी
कैसे करें प्रयोग :

शहद को गर्म पानी में अच्छी तरह मिक्स कर लें।
फिर इस पानी को सुबह खाली पेट पिएं।
कितनी बार करें :

हर सुबह खाली पेट इसका सेवन करें।
कैसे है लाभकारी :

शहद में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जिस कारण यह पेट में पनपने वाले हानिकारक जीवाणुओं से लड़ने में सक्षम है। साथ ही शहद में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं, जो गैस के कारण नष्ट हुई पेट की परत को ठीक करने का काम करते हैं (13)। गैस से घबराहट होने पर शहद का सेवन कर सकते हैं।

[पढ़े: शहद के फायदे, उपयोग और नुकसान]

11. गुड़
Jaggery for Gas Problem in Hindi Pinit
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प्रक्रिया नंबर-1

सामग्री :

एक-दो ग्राम खुरासानी अजवाइन
छोटी गुड़ की डली
कैसे करें प्रयोग :

गुड़ में अजवाइन मिलाएं और फिर इसकी गोलियां बनाकर खाएं।
कितनी बार करें :

दिन में एक या दो बार खा सकते हैं।
प्रक्रिया नंबर-2

सामग्री :

एक गिलास दूध
छोटी गुड़ की डली
कैसे करें प्रयोग :

दूध को गर्म कर लें और उसमें चीनी की जगह गुड़ मिलाएं।
फिर इस दूध को पी लें या फिर आप दूध के साथ गुड़ को खा भी सकते हैं।
कितनी बार करें :

दिन में एक या दो बार इसका सेवन कर सकते हैं।
प्रक्रिया नंबर-3

सामग्री :

छोटी गुड़ की डली
चुटीक भर सेंधा नमक और काला नमक
कैसे करें प्रयोग :

इन सभी सामग्रियों को मिक्स कर लें और सेवन करें।
कितनी बार करें :

दिन में एक या दो बार इसका सेवन कर सकते हैं।
कैसे है लाभकारी :

गुड़ स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद है। इसे गन्ने से बनाया जाता है और इसे एक प्रकार से अनरिफाइंड शुगर के रूप में भी जाना जाता है। इसमें मिनरल्स और विटामिन्स के साथ-साथ फाइबर के भी कुछ गुण पाए जाते हैं। वहीं, चीनी को रिफाइंड करके तैयार किया जाता है, जिस कारण इसमें विटामिन्स और मिनरल्स जैसे गुण नहीं होते। गुड़ खाने से पाचन तंत्र अच्छा होता है और गैस व एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। इसके अलावा, गुड़ खून को साफ करता है और मेटाबॉलिज्म को बेहतर करता है। यही कारण है कि डॉक्टर भी चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। आप ऊपर बताई गई विधियों के अलावा गुड़ को लंच या डिनर के बाद ऐसे भी खा सकते हैं (14) (15)।

12. जीरा पानी
सामग्री :

एक चम्मच जीरा
एक गिलास पानी
कैसे करें प्रयोग :

पहले तो जीरे को हल्का भून लें और फिर इसे मिक्सी में मोटा पीस लें।
फिर पानी को गर्म करें और उसमें इस पाउडर को मिक्स करें।
इसके बाद यह पानी पी लें।
कितनी बार करें :

दिन में दो या तीन बार खाना खाने के बाद पिएं।
कैसे है लाभकारी :

जहां, जीरे के उपयोग से खाने का स्वाद बढ़ जाता है, वहीं आयुर्वेद में इसे गुणकारी औषधी माना गया है। सबसे ज्यादा इसकी खेती एशिया, अफ्रीका और यूरोप में होती है। जीरे में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। इन गुणों के कारण ही यह गैस व पेट की अन्य बीमारियों में रामबाण की तरह काम करता है। साथ ही आपको बीमारी से उबरने में मदद करता है (16) (17)। जीरा से गैस का इलाज किया जा सकता है।

13. हल्दी
Turmeric for Gas Problem in Hindi Pinit
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प्रक्रिया नंबर-1

सामग्री :

पांच ग्राम हल्दी पाउडर
पांच ग्राम नमक
एक गिलास पानी
कैसे करें प्रयोग :

हल्दी और नमक को आपस में मिला लें।
फिर इसे पानी के साथ सेवन करें।
आप पानी को हल्का गुनगुना भी कर सकते हैं।
प्रक्रिया नंबर-2

सामग्री :

एक चम्मच हल्दी पाउडर
योगर्ट व केला
एक गिलास पानी
कैसे करें प्रयोग :

हल्दी को योगर्ट या फिर केले के साथ मिक्स करके पेस्ट बना लें।
फिर इसे पानी के साथ सेवन करें।
कितनी बार करें :

दिन में एक या दो बार इसका सेवन कर सकते हैं।
कैसे है लाभकारी :

हल्दी में करक्यूमिन होता है, जो इसे एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण प्रदान करता है। हल्दी के सेवन से पेट में गैस के कारण हो रही जलन और सूजन को कम किया जा सकता है (18)। कई क्लिनिकल टेस्ट में इस बात की पुष्टि भी की गई है कि हल्दी अपच व अल्सरेटिव कोलाइटिस (आंतों की एक बीमारी) की समस्या को ठीक कर सकती है (19)।

14. बादाम दूध
Badam
Badam
सामग्री :

एक कप बादाम
तीन कप पानी
चुटकी भर नमक
स्वादानुसार चीनी या शहद
कैसे करें प्रयोग :

बादाम को रातभर पानी में भिगोकर रखें।
अगली सुबह बादाम और तीन कप पानी को मिक्सी में डालकर तब तक पीसें, जब तक कि पेस्ट न बन जाए।
अब इसमें नमक को डालकर मिक्स करें और फिर सूती कपड़े की मदद से इसे छान लें।
आपका बादाम दूध तैयार है। अब आप इसमें स्वादानुसार शहद या चीनी डालकर सेवन कर सकते हैं।
अगर आप चीनी की जगह शहद का प्रयोग करते हैं, तो ज्यादा बेहतर होगा।
कितनी बार करें :

आप दिनभर में एक कप बादाम दूध का सेवन कर सकते हैं। बचे हुए दूध को किसी जार में डालकर तीन-चार दिन के लिए फ्रिज में स्टोर करके रख सकते हैं।
कैसे है लाभकारी :

बादाम के दूध में लैक्टोज और कोलेस्ट्रोल नहीं होता। वहीं, बादाम का दूध विटामिन-ई का प्रमुख स्रोत है, जो प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट है। इसके अलावा, बादाम दूध में विटामिन-डी, ए, प्रोटीन, ओमेगा-6, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे गुण भी पाए जाते हैं (20)। साथ ही इसमें अन्य दूध के मुकाबले कैलोरी बेहद कम होती है। अगर आप बिना शुगर के इसका सेवन कर रहे हैं, तो इसमें करीब 30 कैलोरी होती है (21)। बादाम का दूध गैस, कब्ज और एसिडिटी जैसी पेट से जुड़ी कई बीमारियों के लिए कारगर घरेलू उपाय है। शहद के साथ इसका सेवन करने से इसके गुण और बढ़ जाते हैं। पेट की गैस दूर करने के घरेलू उपाय के रूप में बादाम दूध का सेवन किया जा सकता है।

15. आलू का रस
Potato Juice for Gas Problem in Hindi Pinit
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सामग्री :

दो-तीन कच्चे आलू
गर्म पानी
कैसे करें प्रयोग :

आलू को छीलकर कद्दूकस कर लें।
अब इसे निचोड़कर रस निकाल लें। इस आधा गिलास रस को थोड़े-से गर्म पानी में मिक्स करें।
फिर खाने से आधा घंटा पहले इसे पिएं।
कितनी बार करें :

आप इस जूस को हर दिन करीब दो बार पी सकते हैं।
कैसे है लाभकारी :

आलू में मिनरल्स, कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस और पोटैशियम होता है। वहीं, आलू के रस में एल्केलाइन सॉल्ट प्रमुख रूप से पाया जाता है। इसके सेवन से पेट में इकट्ठा हो चुके अधिक एसिड को कम करने में मदद मिलती है (22)। साथ ही यह पेट की सूजन को भी कम करने में सक्षम है (23)।

16. मुलेठी
सामग्री :

एक चम्मच मुलेठी पाउडर
एक गिलास गर्म पानी
कैसे करें प्रयोग :

मुलेठी पाउडर को गर्म पानी में डालकर मिक्स करें और करीब 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें।
इसके बाद पानी को छाने और पिएं।
कितनी बार करें :

इस मिश्रण को आप दिनभर में कम से कम एक बार पी सकते हैं।
कैसे है लाभकारी :

गले में खराश और खांसी-जुकाम से लेकर पेट की बीमारियों तक के लिए मुलेठी का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आप मुलेठी के पाउडर को पानी में घोलकर पीते हैं, तो यह पेट की परतों को हानिकारक बैक्टीरिया और गैस से होने वाले अल्सर से बचाता है। मुलेठी में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण भी होता है, जिस कारण यह पेट की सूजन को कम कर सकता है (24)। पेट की गैस दूर करने के घरेलू उपाय के रूप में आप मुलेठी का सेवन जरूर करें।

17. काली मिर्च
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प्रक्रिया नंबर-1

सामग्री :

एक चम्मच काली मिर्च
एक गिलास गर्म पानी
कैसे करें प्रयोग :

काली मिर्च को गर्म पानी में डालकर पिएं।
प्रक्रिया नंबर-2

सामग्री :

आधा चम्मच काली मिर्च
आधा चम्मच काला नमक
आधे नींबू का रस
एक कप पानी
कैसे करें प्रयोग :

इन सभी सामग्रियों को पानी में मिक्स करके पिएं।
कितनी बार करें :

आप प्रतिदिन एक बार इनका सेवन कर सकते हैं।
कैसे है लाभकारी :

काली मिर्च में एंटीबैक्टीरियल, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीकार्सिनोजेनिक गुण पाए जाते हैं। इस कारण काली मिर्च हमारे पेट और आंतों में पाई जाने वाली म्यूकस झिल्ली को सुरक्षा प्रदान करती है। साथ ही मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर करती है (25)। काली मिर्च, पेट में हाइड्रोकरोलिक एसिड का निर्माण करती है, जिससे आंतें साफ होती हैं।

18. हींग
प्रक्रिया नंबर-1

सामग्री :

चुटकी भर हींग
एक गिलास गर्म पानी
कैसे करें प्रयोग :

पानी में हींग को डालकर मिक्स करें और पिएं।
प्रक्रिया नंबर-2

सामग्री :

चुटकी भर हींग
एक केला
कैसे करें प्रयोग :

हींग को केले में रखकर उसका सेवन करें।
प्रक्रिया नंबर-3

सामग्री :

चुटकी भर हींग
थोड़ा-सा पानी
कैसे करें प्रयोग :

सबसे पहले हींग को कूटकर पाउडर बना लें।
फिर इस पाउडर में पानी को मिक्स करके पेस्ट बनाएं।
अब इस पेस्ट को अपने पेट पर लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें।
कितनी बार करें :

इन सभी घरेलू उपायों को दिन में दो बार इस्तेमाल किया जा सकता है।
कैसे है लाभकारी :

गैस बनने पर पेट फूलने लगता है, जिससे असहज स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे में हींग का सेवन करना फायदेमंद साबित हो सकता है। हींग में एंटीस्पास्मोटिक, एंटीसेप्टिक, एंटीमाइक्रोबियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो गैस और अपच से राहत दिलाते हैं (26)।

19. रोजमेरी
Rosemary for Gas Problem in Hindi Pinit
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सामग्री :

एक चम्मच रोजमेरी
एक कप उबला पानी
कैसे करें प्रयोग :

रोजमेरी को पानी में डालकर कुछ देर के लिए छोड़ दें।
फिर इसे छानकर चाय की तरह पिएं।
अगर आपको रोजमेरी की औषधी नहीं मिलती है, तो आप इसके कैप्सूल का भी सेवन कर सकते हैं।
कितनी बार करें :

आप दिनभर में दो बार इस चाय का सेवन कर सकते हैं।
कैसे है लाभकारी :

रोजमेरी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी जैसे गुण पाए जाते हैं। इस कारण से रोजमेरी गैस की समस्या से लड़ने में सक्षम है। साथ ही गैस के कारण होने वाले अल्सर को भी खत्म कर सकती है (27)।

20. विटामिन्स
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन्स की जरूरत होती है। विटामिन-बी12 और सी की कमी होने से हमारा पाचन तंत्र खराब हो सकता है। जब पाचन तंत्र ठीक तरह से काम नहीं करेगा, तो गैस, एसिडिटी, अपच और कब्ज होना तय है। अगर इन सभी स्थितियों से बचना चाहते हैं, तो विटामिन-बी12 और सी से युक्त खाद्य पदार्थों और सप्लीमेंट्स का नियमित रूप से सेवन करें। ये जरूरी विटामिन्स शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। साथ ही पेट की अंदरूनी परत को क्षति होने से बचाते हैं और अल्सर की आशंका को कम कर देते हैं। चिकन, अंडे, दही और अनाज में भरपूर मात्रा में विटामिन-बी12 पाया जाता है। वहीं, नींबू, संतरे और आंवला जैसे सिट्रस फलों में विटामिन-सी भरपूर मात्रा में होता है, लेकिन आपको कितने विटामिन की जरूरत है, इस बारे में आपको डॉक्टर ही बेहतर तरीके से बता सकते हैं। इसलिए, डॉक्टर से पूछने के बाद ही अपने आहार में विटामिन की मात्रा को तय करें।

आर्टिकल के अंतिम हिस्से में हम उन जरूरी टिप्स की बात करेंगे, जो गैस को होने से रोक सकते हैं।

गैस की समस्या से बचाव के उपाय – Prevention Tips For Stomach Gas Problem in Hindi
गैस से छुटकारा पाने के लिए ऊपर बताए गए घरेलू उपचार के साथ-साथ कुछ जरूरी नियमों का पालन करना भी जरूरी है। अगर आप इन उपायों को नियमित रूप से करते हैं, तो गैस की समस्या आपको कभी नहीं होगी।

आप प्रतिदिन कम से कम आठ-दस गिलास पानी जरूर पिएं। इससे पाचन तंत्र अच्छी तरह काम करता है और कब्ज की समस्या नहीं होती। पेट साफ होने पर हमारी आंतें अच्छी तरह काम करती हैं, जिससे गैस और एसिडिटी का सामना नहीं करना पड़ता।
तली और मिर्च-मसाले वाली चीजें खाने से पेट में जलन होती है और गैस बनने लगती है। इसलिए, ऐसे खाद्य पदार्थों से दूरी बना कर रखें। साथ ही नोट करें कि कौन सी चीज खाने से आपको पेट में जलन व गैस होती है। आप ऐसे खाद्य पदार्थों की लिस्ट बना सकते हैं और उन्हें खाने से परहेज करें।
जंक फूड से दूरी बनाकर रखें।
आप जो भी दवा का सेवन कर रहे हैं, उन पर भी नजर रखें। अगर उनमें से किसी दवा के सेवन से आपको पेट में जलन व गैस महसूस होती है, तो इस बारे में डॉक्टर को बताएं। डॉक्टर उसकी जगह आपको अन्य दवा दे सकता है।
शराब, धूम्रपान और तंबाकू का सेवन बिल्कुल न करें। ये हमारे पाचन तंत्र को खराब करते हैं, जिससे गैस और एसिडिटी होती है। साथ ही इनके सेवन से किडनी व फेफड़ों पर भी असर पड़ता है।
चाय-कॉफी का सेवन कम से कम करें। इनकी तासीर गर्म होती है, जिस कारण पेट में जलन होती है।
प्रतिदिन कम से कम 20-25 मिनट योगासन जरूर करें। इससे पेट के अंदरूनी अंग सही प्रकार से काम करते हैं और हमारा शरीर प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स होता है। आप किसी ट्रेनर की देखरेख में पवनमुक्तासन, तितली आसन, पादहस्तान, नौकासन व सूर्य नमस्कार आदि कर सकते हैं। ये सभी न सिर्फ गैस की समस्या को दूर करते हैं, बल्कि वजन को संतुलित रखते हैं।
साथ ही सुबह की सैर और रात को खाने के बाद कुछ देर टहलें जरूर। इससे पाचन तंत्र अच्छा रहता है और भोजन आसानी से पच जाता है।
रात के खाने और सोने के बीच कम से कम दो घंटे का अंतर जरूर रखें।
देखा जाए तो गैस इतनी बड़ी समस्या नहीं है कि उससे निपटा न जा सके। बस आपको स्वस्थ दिनचर्या का पालन करते हुए डाइट को संतुलित रखना है, नियमित रूप से व्यायाम व योग करना है। पहली बात तो इन सभी नियमों का पालन करने से आपको कभी गैस की समस्या होगी नहीं, लेकिन अगर कभी ऐसा हो भी जाता है, तो इस आर्टिकल में बताए गए घरेलू उपचारों का प्रयोग कर सकते हैं। इनके इस्तेमाल से आपको जरूर लाभ होगा। अगर आप इस संबंध में कुछ अन्य जानना चाहते हैं, तो नीचे दिए कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं।

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